पूजा विधि

सुबह उठकर दीया जला दिया। अगरबत्ती लगा दी। हाथ जोड़ लिए।

बस। पूजा हो गई।

पर कभी सोचा है — जो अगरबत्ती आप रोज़ जला रहे हैं, वो बनी किस चीज़ से है? जो माला पहनी है, वो कभी सिद्ध हुई भी या नहीं? और जो उपाय आपने किसी के कहने पर शुरू किया था — वो आपकी कुंडली के हिसाब से सही भी था?

ज़्यादातर लोगों के पास इनका जवाब नहीं है।

और इसमें उनकी गलती भी नहीं। किसी ने बताया ही नहीं। जिसने बताया, उसे कुछ बेचना था।

यहाँ हम वो सब लिखते हैं जो बताया जाना चाहिए था। नियम, विधि, पहचान — और वो बातें जो दुकानदार कभी नहीं बताएगा।


घर के मंदिर से शुरू कीजिए

जो रोज़ जलता है, सबसे पहले वही देखिए।


करुंगली — पहचान, विधि और नियम

₹99 में करुंगली की माला? एक गिलास पानी सब बता देता है।


माला और जप

सुमेरु लाँघ रहे हैं? तर्जनी से माला छू रहे हैं? ये दोनों भूलें सबसे ज़्यादा होती हैं।


धन, कर्ज़ और श्री यंत्र

कमाई आती है पर टिकती नहीं? शास्त्र इसे दूसरी नज़र से देखते हैं।


कथाएँ और शास्त्र

जो जानना चाहते हैं कि पीछे का रहस्य क्या है।


एक बात साफ़

हम डराकर नहीं बेचते।

यहाँ आपको ये नहीं मिलेगा कि "ये नहीं पहना तो बुरा होगा"। जो शास्त्र में लिखा है, वो लिखा है। आगे आप तय कीजिए।

और अगर कुछ समझ न आए — तो पूछ लीजिए। पूछने के पैसे नहीं लगते।

अगर आप कर्ज़, पैसे की समस्या या ऊपरी बाधा से दुखी हैं

महीनों से EMI चल रही है, उधार बढ़ता जा रहा है, कमाई आती है पर टिकती नहीं। या घर में बिना वजह कलह, बीमारी और रुकावट — और कारण समझ नहीं आता।

हर कुंडली में रुकावट का कारण अलग होता है। पहले वह देखना पड़ता है, तभी सही उपाय बनता है।

अपनी समस्या बताइए — जन्म तिथि, समय और स्थान के साथ।

WhatsApp पर बात कीजिए

या सीधा सामान देखिए →